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ई - गवर्नेंस :- प्रशासन का उभरता आयाम

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ई - गवर्नेंस :-           सरकारी विभागों, तंत्रों व क्रिया कलापों में सूचना व संचार प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर जन कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना ही 'ई-गवर्नेंस' कहलाता है। घटक -              लोग प्रक्रिया प्रौद्योगिकी संसाधन ई-गवर्नेन्स के प्रकार :-          G2G यानी सरकार से सरकार(सरकारी विभागों, तंत्रों के बीच संवाद, सूचना प्रेषण, बजट, नीति निर्माण आदि दैनिक कार्य) G2C यानी सरकार से नागरिक(ऑनलाइन बिल भुगतान, बुकिंग, आवेदन, ऑनलाइन सरकारी सेवा प्रदाय) G2B यानी सरकार से व्यापार(ऑनलाइन पंजीकरण, ऑनलाइन कर संदाय, ई टेंडरिंग, ई ऑक्शन, आदि) G2E यानी सरकार से कर्मचारी(सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह, उपस्थिति, पेंशन, बीमा आदि) ई गवर्नेन्स के उदाहरण -  1. सरकारी बैंकों का कम्प्यूटरीकरण व ऑनलाइन बैंकिंग। 2. ऑनलाइन लाभ हस्तांतरण (DBT)। 3. डिजिटल प्रमाण पत्र (मूल निवास, जाति, जन्म मृत्यु आदि) 4. ऑनलाइन नागरिक डेटा संग्रह व उपयोग (आधार कार्ड)। 5. राजस्थान संपर्क - ऑनलाइन शिकायत निवारण तंत्र। 6. ई ...

भारत में ई-कॉमर्स

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परिचय-         जब व्यापार व वाणिज्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से किया जाता है, तो इसे ' इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स ' कहा जाता है। सरल शब्दों में कहें तो, जब उत्पादों या सेवाओं का क्रय विक्रय सूचना प्रौद्योगिकी या कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से होता है ,तो इसे ई कॉमर्स कहते हैं।    ई कॉमर्स से जहाँ एक और छोटे व सामान्य व्यापारी को विश्वव्यापी बाजार मिलता है, वहीं आम उपभोक्ता को भी घर बैठे ही उत्पाद चयन व प्राप्ति की सहूलियत मिलती है। श्रेणियां -       ई कॉमर्स की मोटा मोटी 4 प्रमुख श्रेणियां(category) हैं:- 1. B2C (Business to Consumer)                जब ई कॉमर्स के माध्यम से व्यापारी द्वारा सीधे ही उपभोक्ता के घर वस्तु या सेवा पहुंचाई जाय।(जैसे- अमेज़न ,फ्लिपकार्ट) 2. B2B (Business to Business)                जब ई कॉमर्स के माध्यम से दो व्यापारियों या व्यावसायिक संघटनों के बीच वस्तुओं या सेवाओं का क्रय विक्रय किया जाय।(जैसे - इंडियामार्ट,ई स्टील) 3. C2C (Co...