श्वेत क्रांति - आपरेशन फ्लड

श्वेत क्रांति का तात्पर्य दुग्ध उत्पादन में आशातीत वृद्धि से है।भारत मे श्वेत क्रांति का जनक 'वर्गीस कुरियन' को माना जाता है, जिनको 'मिल्क मैन ऑफ इंडिया' की संज्ञा भी दी जाती है।डॉ वर्गीस ने 1965 में गुजरात के आणंद में 'National Dairy Development Board' (NDDB) की स्थापना की।

       डॉ कुरियन के नेतृत्व में NDDB के तत्वावधान में देश मे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से 1970 में 'Operation Flood' कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।डॉ वर्गीस ने इस कार्यक्रम में सहकारी समिति आधारित राष्ट्रीय दुग्ध ग्रिड की स्थापना की।गुजरात के आणंद मे डॉ वर्गीस को अमूल डेरी मोडल स्थापित करने का श्रेय भी जाता है।
★ इस प्रोग्राम के 3 प्रमुख उद्देश्य थे:-
1. दुग्ध उत्पादन में वृद्धि।
2. ग्रामीण आय में वृद्धि।
3. उपभोक्ताओं को सस्ती वहनीय सेवा।

इस प्रोग्राम की सफलता से शीघ्र ही भारत अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए आज पूरी दुनिया मे सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश (विश्व का 22%) बन चुका है।आज भारत प्रतिवर्ष 188 मिलियन टन दूध पैदा करता है।और प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी दुगुनी होकर 394 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन हो चुकी है।
     दुग्ध क्रांति की बदौलत न केवल भारत मे दूध का उत्पादन बढ़ा है, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार मिला, उनकी आय में भी वृद्धि हुई, साथ ही उपभोक्ताओं को भी उचित मूल्य पर दूध की उपलब्धता सुनिश्चित हुई।


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